कर्म मंत्र
धैर्य धर, बलवान बन, कार्य कर, भरोसा है, शक्ति है, तो युद्ध कर। खोज मत, सोच मत, कार्य कर, आनंद है, विश्वास है, तो कूच कर। अच्छा बन, सच्चा बन, कार्य कर धर्म है, अर्थ है, तो तू न्याय कर। रुक मत, तू हार मत, कार्य कर, स्पर्धा है, तो जोश रख, सिद्ध कर। डर मत, तू कार्य कर, तू कार्य कर.. इश्वर है, जीवन है, तो तू साधना कर। -दिशिता भट्ट